श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 89: अर्जुनके द्वारा दुर्मर्षणकी गजसेनाका संहार और समस्त सैनिकोंका पलायन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.89.23 
हस्तिनं हस्तियन्तारमश्वमाश्विकमेव च।
अभिनत् फाल्गुनो बाणै रथिनं च ससारथिम्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने अपने बाणों से हाथी और महावत, घोड़े और सवार, तथा सारथि और सारथि को भी बींध डाला।
 
Arjuna pierced the elephant and the mahout, the horse and the horse rider, as well as the charioteer and the charioteer with his arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)