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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 89: अर्जुनके द्वारा दुर्मर्षणकी गजसेनाका संहार और समस्त सैनिकोंका पलायन
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श्लोक 2
श्लोक
7.89.2
संजय उवाच
एवमुक्तो महाबाहु: केशव: सव्यसाचिना।
अचोदयद्धयांस्तत्र यत्र दुर्मर्षण: स्थित:॥ २॥
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! सव्यसाची अर्जुन की यह बात सुनकर महाबाहु श्रीकृष्ण ने घोड़ों को उस ओर हाँक दिया जहाँ दुर्मर्षण खड़ा था॥2॥
Sanjay says- Rajan! On hearing this from Savyasachi Arjun, the mighty-armed Shri Krishna drove the horses towards where Durmarshan was standing. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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