vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 89: अर्जुनके द्वारा दुर्मर्षणकी गजसेनाका संहार और समस्त सैनिकोंका पलायन
»
श्लोक 11
श्लोक
7.89.11
तत: कबन्धं किंचित् तु धनुरालम्ब्य तिष्ठति।
किंचित् खड्गं विनिष्कृष्य भुजेनोद्यम्य तिष्ठति॥ ११॥
अनुवाद
कोई हाथ में धनुष लिए खड़े थे और कोई हाथ में नंगी तलवारें लिए खड़े थे ॥11॥
Some stood with bows in their hands and some stood with drawn swords in their hands. ॥11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×