Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.89.10: महाराज! जैसे ताड़ के वृक्षों के पके फलों के पृथ्वी पर गिरने से ध्वनि उत्पन्न होती है, उसी प्रकार युद्धभूमि में योद्धाओं के कटकर गिरते हुए सिरों की ध्वनि भी उत्पन्न हुई। | mahabharat अध्याय 7.89: अर्जुनके द्वारा दुर्मर्षणकी गजसेनाका संहार और समस्त सैनिकोंका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! जैसे ताड़ के वृक्षों के पके फलों के पृथ्वी पर गिरने से ध्वनि उत्पन्न होती है, उसी प्रकार युद्धभूमि में योद्धाओं के कटकर गिरते हुए सिरों की ध्वनि भी उत्पन्न हुई।
King! Just as the sound is made by the ripe fruits of the palm trees falling on the earth, similarly, the sound of the heads of the warriors falling after being cut on the battlefield was also made.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥