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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 88: कौरव-सेनाके लिये अपशकुन, दुर्मर्षणका अर्जुनसे लड़नेका उत्साह तथा अर्जुनका रणभूमिमें प्रवेश एवं शंखनाद  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.88.22 
तयो: शङ्खप्रणादेन तव सैन्ये विशाम्पते।
आसन् संहृष्टरोमाण: कम्पिता गतचेतस:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! शंखध्वनि से आपकी सेना के सभी योद्धाओं के रोंगटे खड़े हो गए। सभी कांप उठे और बेहोश हो गए।
 
O Prajanath! With the sound of their conches, all the warriors of your army got goosebumps. Everyone trembled and fell unconscious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)