vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 88: कौरव-सेनाके लिये अपशकुन, दुर्मर्षणका अर्जुनसे लड़नेका उत्साह तथा अर्जुनका रणभूमिमें प्रवेश एवं शंखनाद
»
श्लोक 22
श्लोक
7.88.22
तयो: शङ्खप्रणादेन तव सैन्ये विशाम्पते।
आसन् संहृष्टरोमाण: कम्पिता गतचेतस:॥ २२॥
अनुवाद
हे प्रजानाथ! शंखध्वनि से आपकी सेना के सभी योद्धाओं के रोंगटे खड़े हो गए। सभी कांप उठे और बेहोश हो गए।
O Prajanath! With the sound of their conches, all the warriors of your army got goosebumps. Everyone trembled and fell unconscious.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×