श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 87: कौरव-सैनिकोंका उत्साह तथा आचार्य द्रोणके द्वारा चक्रशकटव्यूहका निर्माण  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.87.24 
पश्चार्धे तस्य पद्मस्तु गर्भव्यूह: सुदुर्भिद:।
सूची पद्मस्य गर्भस्थो गूढो व्यूह: कृत: पुन:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
उस चक्रशक्तव्यूह के पिछले भाग में पद्म नामक गर्भव्यूह की रचना हुई, जो अत्यंत अभेद्य था। उस पद्मव्यूह के मध्य में शुचि नामक एक और रहस्यमयी रचना हुई॥ 24॥
 
In the rear part of that Chakrashaktavyuha, a Garbhavyuha named Padma was created, which was extremely impenetrable. In the middle of that Padmavyuha, another mysterious formation named Suchi was created.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)