vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 86: संजयका धृतराष्ट्रको उपालम्भ
»
श्लोक 6
श्लोक
7.86.6
दुर्योधनं चाविधेयं बध्नीतेति पुरा यदि।
कुुरूनचोदयिष्यस्त्वं न त्वां व्यसनमाव्रजेत्॥ ६॥
अनुवाद
यदि आपने कौरवों को पहले ही इस दुष्ट दुर्योधन को बन्दी बनाने का आदेश दे दिया होता, तो आपको यह विपत्ति न झेलनी पड़ती।
If you had ordered the Kauravas earlier to arrest this ill-mannered Duryodhana, then you would not have faced this calamity.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×