हे नरसिंह! कौरवों और पाण्डवों के बीच हुए अत्यन्त भयंकर युद्ध का वृत्तान्त सुनो॥23॥
O man-lion, listen to the story of the extremely dangerous battle between the Kauravas and the Pandavas. ॥23॥
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि संजयवाक्ये षडशीतितमोऽध्याय:॥ ८६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें संजयवाक्यविषयक छियासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)