vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 86: संजयका धृतराष्ट्रको उपालम्भ
»
श्लोक 22
श्लोक
7.86.22
यावत् तु शक्यते कर्तुमन्तरज्ञैर्जनाधिपै:।
क्षत्रधर्मरतै: शूरैस्तावत् कुर्वन्ति कौरवा:॥ २२॥
अनुवाद
कौरव राजा क्षत्रिय राजाओं के समान ही वीरता दिखाते हैं, जो अवसर को जानते हैं, धर्म में तत्पर हैं और वीर हैं॥ 22॥
The Kaurava kings display as much valour as the Kshatriya kings, who know the opportunity and are devoted to the Dharma, and who are valiant.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×