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mahabharat 7.85.34-35: बेटा! यदि शल्य, सोमदत्त, महात्मा भीष्म, द्रोणाचार्य, विकर्ण, बाह्लिक, कृपाचार्य तथा अन्य महामनस्वी भरत वंशज आपके लिये कुछ कहेंगे तो पाण्डव अवश्य उनकी बात मानेंगे। ॥ 34-35॥   |   mahabharat अध्याय 7.85: धृतराष्ट्रका विलाप   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 85: धृतराष्ट्रका विलाप  »  श्लोक 34-35
 
 
श्लोक  7.85.34-35 
शल्यस्य सोमदत्तस्य भीष्मस्य च महात्मन:।
द्रोणस्याथ विकर्णस्य बाह्लीकस्य कृपस्य च॥ ३४॥
अन्येषां चैव वृद्धानां भरतानां महात्मनाम्।
त्वदर्थं ब्रुवतां तात करिष्यन्ति वचो हि ते॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
बेटा! यदि शल्य, सोमदत्त, महात्मा भीष्म, द्रोणाचार्य, विकर्ण, बाह्लिक, कृपाचार्य तथा अन्य महामनस्वी भरत वंशज आपके लिये कुछ कहेंगे तो पाण्डव अवश्य उनकी बात मानेंगे। ॥ 34-35॥
 
Son! If Shalya, Somadatta, Mahatma Bhishma, Dronacharya, Vikarna, Bahlik, Kripacharya and other great-minded Bharata descendants say something to them for you, then the Pandavas will certainly obey them. ॥ 34-35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)