Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.85.19-20h: द्रोणाचार्य के घर में धनुष की टंकार, वेद मन्त्रों के उच्चारण की ध्वनि तथा तोमर, तलवार और रथ की ध्वनियाँ गूँजती रहती थीं; परन्तु अब मैं वहाँ वह शब्द नहीं सुन रहा हूँ॥19 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.85: धृतराष्ट्रका विलाप   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 85: धृतराष्ट्रका विलाप  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.85.19-20h 
ज्याघोषो ब्रह्मघोषश्च तोमरासिरथध्वनि:॥ १९॥
द्रोणस्यासीदविरतो गृहे तं न शृणोम्यहम्।
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य के घर में धनुष की टंकार, वेद मन्त्रों के उच्चारण की ध्वनि तथा तोमर, तलवार और रथ की ध्वनियाँ गूँजती रहती थीं; परन्तु अब मैं वहाँ वह शब्द नहीं सुन रहा हूँ॥19 1/2॥
 
In the house of Dronacharya, the sound of bow's string, the sound of recitation of Veda mantras and the sounds of tomar, sword and chariot kept echoing; But now I am not hearing that word there. 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)