Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.84.4: हे अर्जुन! आज तुम युद्ध में अवश्य ही महान विजय प्राप्त करोगे, यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है; क्योंकि तुम्हारे मुख का तेज इसी के अनुरूप है और भगवान श्रीकृष्ण भी प्रसन्न हैं।॥4॥ | mahabharat अध्याय 7.84: युधिष्ठिरका अर्जुनको आशीर्वाद, अर्जुनका स्वप्न सुनकर समस्त सुहृदोंकी प्रसन्नता, सात्यकि और श्रीकृष्णके साथ रथपर बैठकर अर्जुनकी रणयात्रा तथा अर्जुनके कहनेसे सात्यकिका युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यक्तमर्जुन संग्रामे ध्रुवस्ते विजयो महान्।
यादृग्रूपा च ते च्छाया प्रसन्नश्च जनार्दन:॥ ४॥
अनुवाद
हे अर्जुन! आज तुम युद्ध में अवश्य ही महान विजय प्राप्त करोगे, यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है; क्योंकि तुम्हारे मुख का तेज इसी के अनुरूप है और भगवान श्रीकृष्ण भी प्रसन्न हैं।॥4॥
Arjuna! Today you will definitely achieve a great victory in the battle, this is clearly visible; because the radiance on your face is in accordance with this and Lord Krishna is also pleased.'॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥