Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.84.31: मैं संसार में ऐसा कोई वीर नहीं देखता जो तुम्हें युद्ध में परास्त कर सके। तुम युद्धभूमि में साक्षात् भगवान कृष्ण के समान हो। स्वयं देवराज इन्द्र भी तुम्हें जीत नहीं सकते। 31॥ | mahabharat अध्याय 7.84: युधिष्ठिरका अर्जुनको आशीर्वाद, अर्जुनका स्वप्न सुनकर समस्त सुहृदोंकी प्रसन्नता, सात्यकि और श्रीकृष्णके साथ रथपर बैठकर अर्जुनकी रणयात्रा तथा अर्जुनके कहनेसे सात्यकिका युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये जाना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न पश्यामि च तं लोके यस्त्वां युद्धे पराजयेत्।
वासुदेवसमं युद्धे स्वयमप्यमरेश्वर:॥ ३१॥
अनुवाद
मैं संसार में ऐसा कोई वीर नहीं देखता जो तुम्हें युद्ध में परास्त कर सके। तुम युद्धभूमि में साक्षात् भगवान कृष्ण के समान हो। स्वयं देवराज इन्द्र भी तुम्हें जीत नहीं सकते। 31॥
I do not see any brave man in the world who can defeat you in battle. You are like Lord Krishna in person in the battlefield. Even Devraj Indra himself cannot conquer you. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥