श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरका अर्जुनको आशीर्वाद, अर्जुनका स्वप्न सुनकर समस्त सुहृदोंकी प्रसन्नता, सात्यकि और श्रीकृष्णके साथ रथपर बैठकर अर्जुनकी रणयात्रा तथा अर्जुनके कहनेसे सात्यकिका युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये जाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.84.27 
युयुधानाद्य युद्धे मे दृश्यते विजयो ध्रुव:।
यथा हीमानि लिङ्गानि दृश्यन्ते शिनिपुङ्गव॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे महारथी युयुधान! आज जो शुभ लक्षण दिख रहे हैं, वे युद्ध में मेरी निश्चित विजय के सूचक हैं।॥27॥
 
O great warrior Yuyudhaan! The auspicious signs that are visible today indicate my sure victory in the war.'॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)