श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरका अर्जुनको आशीर्वाद, अर्जुनका स्वप्न सुनकर समस्त सुहृदोंकी प्रसन्नता, सात्यकि और श्रीकृष्णके साथ रथपर बैठकर अर्जुनकी रणयात्रा तथा अर्जुनके कहनेसे सात्यकिका युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये जाना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.84.26 
दृष्ट्वार्जुनो निमित्तानि विजयाय प्रदक्षिणम्।
युयुधानं महेष्वासमिदं वचनमब्रवीत्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने अपने दाहिनी ओर विजय के शुभ चिह्न देखकर महाधनुर्धर सात्यकि से इस प्रकार कहा- ॥26॥
 
Arjuna, seeing the auspicious signs of victory appearing on his right, spoke to the great archer Satyaki as follows: ॥26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)