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mahabharat 7.84.10: वीर सात्यकि और श्रीकृष्ण रथ पर आरूढ़ होकर अर्जुन के शिविर में गए॥10॥   |   mahabharat अध्याय 7.84: युधिष्ठिरका अर्जुनको आशीर्वाद, अर्जुनका स्वप्न सुनकर समस्त सुहृदोंकी प्रसन्नता, सात्यकि और श्रीकृष्णके साथ रथपर बैठकर अर्जुनकी रणयात्रा तथा अर्जुनके कहनेसे सात्यकिका युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये जाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 84: युधिष्ठिरका अर्जुनको आशीर्वाद, अर्जुनका स्वप्न सुनकर समस्त सुहृदोंकी प्रसन्नता, सात्यकि और श्रीकृष्णके साथ रथपर बैठकर अर्जुनकी रणयात्रा तथा अर्जुनके कहनेसे सात्यकिका युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये जाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.84.10 
रथेनैकेन दुर्धर्षौ युयुधानजनार्दनौ।
जग्मतु: सहितौ वीरावर्जुनस्य निवेशनम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वीर सात्यकि और श्रीकृष्ण रथ पर आरूढ़ होकर अर्जुन के शिविर में गए॥10॥
 
The brave Satyaki and Shri Krishna, mounted on a chariot, went together to Arjuna's camp. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)