Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.83.25: आज अर्जुन अपने बाणों से उस दुष्ट और पापी जयद्रथ को, जिसने सुभद्रापुत्र अभिमन्यु को मार डाला था, ऐसे मार्ग पर फेंक देंगे, जहाँ जाने के बाद वह जीव इस संसार में फिर कभी दिखाई नहीं देगा ॥ 25॥   |   mahabharat अध्याय 7.83: अर्जुनकी प्रतिज्ञाको सफल बनानेके लिये युधिष्ठिरकी श्रीकृष्णसे प्रार्थना और श्रीकृष्णका उन्हें आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 83: अर्जुनकी प्रतिज्ञाको सफल बनानेके लिये युधिष्ठिरकी श्रीकृष्णसे प्रार्थना और श्रीकृष्णका उन्हें आश्वासन देना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.83.25 
अद्य तं पापकर्माणं क्षुद्रं सौभद्रघातिनम्।
अपुनर्दर्शनं मार्गमिषुभि: क्षेप्स्यतेऽर्जुन:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
आज अर्जुन अपने बाणों से उस दुष्ट और पापी जयद्रथ को, जिसने सुभद्रापुत्र अभिमन्यु को मार डाला था, ऐसे मार्ग पर फेंक देंगे, जहाँ जाने के बाद वह जीव इस संसार में फिर कभी दिखाई नहीं देगा ॥ 25॥
 
Today, with his arrows Arjuna will throw that wicked and sinful Jayadratha, who had killed Abhimanyu, the son of Subhadra, on a path where, after going there, that soul will never be seen again in this world. ॥ 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)