Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.83.11: हे भगवान् कृष्ण! आप भली-भाँति जानते हैं कि हमारे शत्रुओं ने किस प्रकार हमारे राज्य का विनाश किया, हमारा अपमान किया और हमें नाना प्रकार के कष्ट पहुँचाए॥ 11॥ | mahabharat अध्याय 7.83: अर्जुनकी प्रतिज्ञाको सफल बनानेके लिये युधिष्ठिरकी श्रीकृष्णसे प्रार्थना और श्रीकृष्णका उन्हें आश्वासन देना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्वं हि राज्यविनाशं च द्विषद्भिश्च निराक्रियाम्।
क्लेशांश्च विविधान् कृष्ण सर्वांस्तानपि वेद न:॥ ११॥
अनुवाद
हे भगवान् कृष्ण! आप भली-भाँति जानते हैं कि हमारे शत्रुओं ने किस प्रकार हमारे राज्य का विनाश किया, हमारा अपमान किया और हमें नाना प्रकार के कष्ट पहुँचाए॥ 11॥
Lord Krishna! You know very well how our enemies destroyed our kingdom, insulted us and inflicted various kinds of suffering on us.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥