Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.81.15: उस समय महात्मा श्रीकृष्ण और अर्जुन ने अत्यन्त प्रसन्न होकर उस चमकते हुए धनुष-बाण को हाथ में लिया और फिर उसे महादेवजी के पास लाकर उन्हीं महात्मा के हाथों में अर्पित कर दिया॥15॥ | mahabharat अध्याय 7.81: अर्जुनको स्वप्नमें ही पुन: पाशुपतास्त्रकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तौ तज्जगृहतु: प्रीतौ धनुर्बाणं च सुप्रभम्।
आजह्रतुर्महात्मानौ ददतुश्च महात्मने॥ १५॥
अनुवाद
उस समय महात्मा श्रीकृष्ण और अर्जुन ने अत्यन्त प्रसन्न होकर उस चमकते हुए धनुष-बाण को हाथ में लिया और फिर उसे महादेवजी के पास लाकर उन्हीं महात्मा के हाथों में अर्पित कर दिया॥15॥
At that time, being very happy, Mahatma Shri Krishna and Arjun took that shining bow and arrow in their hands. Then they brought them to Mahadevji and offered them in the hands of the same Mahatma.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥