vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 81: अर्जुनको स्वप्नमें ही पुन: पाशुपतास्त्रकी प्राप्ति
»
श्लोक 10
श्लोक
7.81.10
ततस्तौ तत् सरो गत्वा सूर्यमण्डलसंनिभम्।
नागमन्तर्जले घोरं ददृशातेऽर्जुनाच्युतौ॥ १०॥
अनुवाद
सरोवर के तट पर पहुँचकर अर्जुन और श्रीकृष्ण ने जल के अन्दर एक भयंकर सर्प देखा, जो सूर्य के समान चमक रहा था॥10॥
Upon reaching the bank of the lake, Arjuna and Sri Krishna saw a fierce serpent inside the water, which was shining like the sun.॥ 10॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd