Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.80.63-64h: भगवान शिव को नमस्कार है, जो जगत के स्वामी और महापुरुषों के रक्षक हैं, जिनके हजार सिर और हजार भुजाएँ हैं, जो मृत्यु के स्वरूप हैं, जिनकी आँखें और पैर भी हजारों हैं और जिनके कर्म असंख्य हैं। उन भगवान शिव को नमस्कार है। | mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान शिव को नमस्कार है, जो जगत के स्वामी और महापुरुषों के रक्षक हैं, जिनके हजार सिर और हजार भुजाएँ हैं, जो मृत्यु के स्वरूप हैं, जिनकी आँखें और पैर भी हजारों हैं और जिनके कर्म असंख्य हैं। उन भगवान शिव को नमस्कार है।
Salutations to Lord Shiva, the Lord of the universe and the protector of great men, who has a thousand heads and a thousand arms, who is the embodiment of death, whose eyes and feet are also in thousands and whose deeds are innumerable. Salutations to that Lord Shiva. 63 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥