Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.80.56: महान देवता, भयंकर रूप वाले, तीन नेत्रों वाले, शांति स्वरूप, सबके अधिपति, दक्षयज्ञ का नाश करने वाले और अंधकासुर का नाश करने वाले भगवान शंकर को नमस्कार है॥56॥ | mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महादेवाय भीमाय त्र्यम्बकाय च शान्तये।
ईशानाय मखघ्नाय नमोऽस्त्वन्धकघातिने॥ ५६॥
अनुवाद
महान देवता, भयंकर रूप वाले, तीन नेत्रों वाले, शांति स्वरूप, सबके अधिपति, दक्षयज्ञ का नाश करने वाले और अंधकासुर का नाश करने वाले भगवान शंकर को नमस्कार है॥56॥
Salutations to Lord Shankar, the great deity, fierce in form, having three eyes, embodiment of peace, ruler of all, destroyer of Dakshayagyana and destroyer of Andhakasura. 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥