Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.80.29: सुन्दर नदी गंगा, जो अनेक पवित्र आश्रमों से युक्त है और जहाँ सुन्दर पक्षी विचरण करते हैं, का भ्रमण करने के बाद आगे बढ़ते हुए वे मंदार पर्वत क्षेत्र में पहुंचे, जो किन्नरों द्वारा उच्च स्वर में गाए जा रहे मधुर गीतों से गूंज रहा था।   |   mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.80.29 
पुण्याश्रमवतीं रम्यां मनोज्ञाण्डजसेविताम्।
मन्दरस्य प्रदेशांश्च किन्नरोद्‍गीतनादितान्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
सुन्दर नदी गंगा, जो अनेक पवित्र आश्रमों से युक्त है और जहाँ सुन्दर पक्षी विचरण करते हैं, का भ्रमण करने के बाद आगे बढ़ते हुए वे मंदार पर्वत क्षेत्र में पहुंचे, जो किन्नरों द्वारा उच्च स्वर में गाए जा रहे मधुर गीतों से गूंज रहा था।
 
Moving forward after visiting the beautiful river Ganges, which is dotted with many holy ashrams and is attended by beautiful birds, he came across the Mandara mountain region, which was resonating with the sweet songs sung in high voices by the Kinnaras.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)