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mahabharat 7.80.12: किन्तु अच्युत! मेरी प्रतिज्ञा भंग करने के लिए धृतराष्ट्र पक्ष के सभी महारथी अवश्य ही सिंधुराज को पीछे खड़ा कर देंगे और वह उन सबके द्वारा सुरक्षित रहेगा।   |   mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.80.12 
मत्प्रतिज्ञाविघातार्थं धार्तराष्ट्रै: किलाच्युत।
पृष्ठत: सैन्धव: कार्य: सर्वैर्गुप्तो महारथै:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
किन्तु अच्युत! मेरी प्रतिज्ञा भंग करने के लिए धृतराष्ट्र पक्ष के सभी महारथी अवश्य ही सिंधुराज को पीछे खड़ा कर देंगे और वह उन सबके द्वारा सुरक्षित रहेगा।
 
But Achyuta! To break my vow, all the great warriors from Dhritarashtra's side will definitely make Sindhuraj stand at the back and he will be protected by all of them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)