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mahabharat 7.80.10: भगवान श्रीकृष्ण के मुख से ऐसा सुनकर वसुदेवनन्दन, कभी किसी से पराजित न होने वाले विद्वान् अर्जुन ने उस समय ये अर्थपूर्ण वचन कहे-॥10॥   |   mahabharat अध्याय 7.80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनका स्वप्नमें भगवान् श्रीकृष्णके साथ शिवजीके समीप जाना और उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.80.10 
इत्युक्तो वासुदेवेन बीभत्सुरपराजित:।
आबभाषे तदा विद्वानिदं वचनमर्थवत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण के मुख से ऐसा सुनकर वसुदेवनन्दन, कभी किसी से पराजित न होने वाले विद्वान् अर्जुन ने उस समय ये अर्थपूर्ण वचन कहे-॥10॥
 
Vasudevanandan, on hearing this from Lord Shri Krishna, the learned Arjuna, who was never defeated by anyone, said these meaningful words at that time -॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)