Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.8.4-6: राजन! राजकुमार केकय, भीमसेन, अभिमन्यु, घटोत्कच, युधिष्ठिर, नकुल-सहदेव, मत्स्य देश के सैनिक, द्रुपद के सभी पुत्र, हर्ष और उत्साह से युक्त द्रौपदी के पाँचों पुत्र, धृष्टकेतु, सात्यकि, क्रोधी चेकितान और महारथी युयुत्सु - ये तथा भूमिपालपुत्र युधिष्ठिर के अनुयायी अन्य लोग, सभी अपने-अपने कुल और पराक्रम के अनुसार नाना प्रकार के वीर कर्म करने लगे।।4-6॥ | mahabharat अध्याय 7.8: द्रोणाचार्यके पराक्रम और वधका संक्षिप्त समाचार । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! राजकुमार केकय, भीमसेन, अभिमन्यु, घटोत्कच, युधिष्ठिर, नकुल-सहदेव, मत्स्य देश के सैनिक, द्रुपद के सभी पुत्र, हर्ष और उत्साह से युक्त द्रौपदी के पाँचों पुत्र, धृष्टकेतु, सात्यकि, क्रोधी चेकितान और महारथी युयुत्सु - ये तथा भूमिपालपुत्र युधिष्ठिर के अनुयायी अन्य लोग, सभी अपने-अपने कुल और पराक्रम के अनुसार नाना प्रकार के वीर कर्म करने लगे।।4-6॥
Rajan! Prince Kekaya, Bhimsen, Abhimanyu, Ghatotkacha, Yudhishthira, Nakul-Sahadeva, the Matsya country soldiers, all the sons of Drupada, the five sons of Draupadi full of joy and enthusiasm, Dhrishtaketu, Satyaki, the angry Chekitana and the great warrior Yuyutsu - these and others who were followers of Yudhishthira, the son of Bhumipala, all of them performed various types of heroic deeds according to their clan and valor. Started working. 4-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥