श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 8: द्रोणाचार्यके पराक्रम और वधका संक्षिप्त समाचार  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.8.35 
देवता: पितरश्चैव पूर्वे ये चास्य बान्धवा:।
ददृशुर्निहतं तत्र भारद्वाजं महारथम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
देवताओं, पितरों तथा उनके पूर्वजों ने भी वहाँ भारद्वाजपुत्र महारथी द्रोणाचार्य को मारा हुआ देखा ॥35॥
 
The gods, the ancestors and his predecessors also saw there the great warrior Dronacharya, son of Bharadvaja, being killed. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)