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mahabharat 7.8.24: केकय के पांच श्रेष्ठ राजकुमारों तथा पांचाल के राजा द्रुपद को अपने बाणों से मथ डालने के पश्चात उदार हृदय वाले द्रोणाचार्य ने धनुष-बाण लेकर युधिष्ठिर की सेना पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.8: द्रोणाचार्यके पराक्रम और वधका संक्षिप्त समाचार   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.8.24 
स केकयानां प्रवरांश्च पञ्च
पञ्चालराजं च शरै: प्रमथ्य।
युधिष्ठिरानीकमदीनसत्त्वो
द्रोणोऽभ्ययात् कार्मुकबाणपाणि:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
केकय के पांच श्रेष्ठ राजकुमारों तथा पांचाल के राजा द्रुपद को अपने बाणों से मथ डालने के पश्चात उदार हृदय वाले द्रोणाचार्य ने धनुष-बाण लेकर युधिष्ठिर की सेना पर आक्रमण किया।
 
After churning the five best princes of Kekaya and King Drupada of Panchala with his arrows, the generous hearted Dronacharya attacked Yudhishthira's army with bow and arrow in his hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)