श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 8: द्रोणाचार्यके पराक्रम और वधका संक्षिप्त समाचार  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.8.21 
तान् सकुञ्जरपत्त्यश्वान् प्राहिणोद् यमसादनम्।
चक्रेऽचिरेण च द्रोणो महीं शोणितकर्दमाम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य ने हाथी, घोड़े और पैदलों सहित उन समस्त योद्धाओं को यमलोक भेज दिया और थोड़े ही समय में पृथ्वी पर रक्त का एक कुण्ड उत्पन्न कर दिया ॥ 21॥
 
Dronacharya sent all those warriors, including elephants, horses and infantry, to Yamaloka and in a short time created a pool of blood on the earth. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)