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श्लोक  7.8.20 
तं कार्मुकमहावेगमस्त्रज्वलितपावकम्।
द्रोणमासादयांचक्रु: पञ्चाला: पाण्डवै: सह॥ २०॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य का धनुष बहुत तेज़ था। उन्होंने अपने अस्त्रों से आग लगा दी थी। पांडव और पांचाल सैनिक उनके पास पहुँचे और उन्हें रोकने की कोशिश की।
 
Dronacharya's bow had great speed. He had ignited fire with his weapons. The Pandava and Panchala soldiers reached him and tried to stop him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)