Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.79.6-7h: कुन्तीकुमार! तुम्हारा कल्याण हो। अब तुम सो जाओ। मैं तुम्हारे कल्याण के लिए ही जा रहा हूँ।' ऐसा कहकर भगवान श्रीकृष्ण ने अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित लोगों को द्वारपाल और रक्षक नियुक्त किया और दारुक के साथ उसके शिविर में चले गए। | mahabharat अध्याय 7.79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्तीकुमार! तुम्हारा कल्याण हो। अब तुम सो जाओ। मैं तुम्हारे कल्याण के लिए ही जा रहा हूँ।' ऐसा कहकर भगवान श्रीकृष्ण ने अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित लोगों को द्वारपाल और रक्षक नियुक्त किया और दारुक के साथ उसके शिविर में चले गए।
Kuntikumar! May you be blessed. Now go to sleep. I am going only for your welfare.' Saying so, Lord Krishna appointed people armed with weapons as gatekeepers and guards and went to his camp with Daruk. 6 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥