श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  7.79.29-30h 
श्वो निरीक्षन्तु मे वीर्यं त्रयो लोका महाहवे॥ २९॥
धनंजयार्थे समरे पराक्रान्तस्य दारुक।
 
 
अनुवाद
दारुक! कल के महायुद्ध में जब मैं धनंजय के लिए युद्ध में अपना पराक्रम दिखाऊँगा, तब तीनों लोक मेरा बल और प्रभाव देखेंगे।
 
Daaruk! In tomorrow's great war let the three worlds see my strength and influence when I display my valour in battle for Dhananjaya. 29 1/2.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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