श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  7.79.28-29h 
अहं विजित्य तान् सर्वान् सहसा सहयद्विपान्॥ २८॥
अर्जुनार्थे हनिष्यामि सकर्णान् ससुयोधनान्।
 
 
अनुवाद
मैं अर्जुन के लिए हाथी, घोड़े, कर्ण और दुर्योधन सहित उन समस्त शत्रुओं को जीतकर सहसा ही उनका नाश कर दूँगा॥ 28 1/2॥
 
For Arjuna I will conquer all those enemies, including elephants, horses, Karna and Duryodhana and suddenly destroy them.॥ 28 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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