श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  7.79.22-23h 
तत्तु दुर्योधन: श्रुत्वा मन्त्रिभिर्मन्त्रयिष्यति॥ २२॥
यथा जयद्रथं पार्थो न हन्यादिति संयुगे।
 
 
अनुवाद
यह सब सुनकर दुर्योधन अपने मंत्रियों के साथ षडयंत्र रचेगा ताकि अर्जुन युद्धभूमि में जयद्रथ का वध न कर सके।
 
On hearing all this, Duryodhan will conspire with his ministers so that Arjuna will not be able to kill Jayadratha on the battlefield. 22 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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