श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.79.19-20h 
एवं कथयतां तेषां जयमाशंसतां प्रभो॥ १९॥
कृच्छ्रेण महता राजन् रजनी व्यत्यवर्तत।
 
 
अनुवाद
राजन! हे प्रभु! इस प्रकार बातें करते हुए और अर्जुन की विजय की कामना करते हुए उन सभी सैनिकों ने बड़ी कठिनाई से वह रात बिताई।
 
King! O Lord! Talking in this manner and wishing for Arjuna's victory, all those soldiers passed that night with great difficulty. 19 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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