Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.79.16-17: अर्जुन को शत्रुओं को परास्त करके अपनी प्रतिज्ञा पूरी करनी चाहिए। यदि वह कल सिंधुराज को न मार सके, तो अग्नि में प्रवेश कर जाएगा। कुंतीकुमार धनंजय झूठ नहीं बोल सकते। यदि अर्जुन मर गया, तो धर्मपुत्र युधिष्ठिर राजा कैसे बनेंगे?॥16-17॥ | mahabharat अध्याय 7.79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जित्वा रिपुगणांश्चैव पारयत्वर्जुनो व्रतम्।
श्वोऽहत्वा सिन्धुराजं वै धूमकेतुं प्रवेक्ष्यति॥ १६॥
न ह्यसावनृतं कर्तुमलं पार्थो धनंजय:।
धर्मपुत्र: कथं राजा भविष्यति मृतेऽर्जुने॥ १७॥
अनुवाद
अर्जुन को शत्रुओं को परास्त करके अपनी प्रतिज्ञा पूरी करनी चाहिए। यदि वह कल सिंधुराज को न मार सके, तो अग्नि में प्रवेश कर जाएगा। कुंतीकुमार धनंजय झूठ नहीं बोल सकते। यदि अर्जुन मर गया, तो धर्मपुत्र युधिष्ठिर राजा कैसे बनेंगे?॥16-17॥
Arjuna should complete his vow by defeating his enemies. If he is unable to kill Sindhuraj tomorrow, he will enter the fire. Kuntikumar Dhananjay cannot lie. If Arjuna dies, how will Dharmaputra Yudhishthira become the king?॥16-17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥