श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.79.15 
धृतराष्ट्रस्य पुत्रेण सर्वं तस्मै निवेदितम्।
स हत्वा सैन्धवं संख्ये पुनरेतु धनंजय:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन ने जयद्रथ को सब कुछ बता दिया होगा। अर्जुन युद्ध में सिन्धुराज जयद्रथ को मारकर सकुशल लौट जाएँ (यही हमारी शुभकामना है)।॥ 15॥
 
Duryodhan, son of Dhritarashtra, must have told everything to Jayadrath. Arjuna should kill Jayadrath, the king of Sindhus, in the war and return safely (this is our best wish).॥ 15॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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