Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.79.13-14: महाबली पाण्डवों ने यह अत्यन्त दुःखद निर्णय लिया है। पुत्र-वियोग के शोक से व्यथित होकर उन्होंने एक बहुत बड़ी प्रतिज्ञा की है। दूसरी ओर, राजा जयद्रथ का पराक्रम भी महान है। तथापि, अर्जुन अपनी प्रतिज्ञा अवश्य पूरी करेंगे; क्योंकि उनके भाई भी अत्यन्त बलशाली हैं और उनकी सेना भी विशाल है॥13-14॥   |   mahabharat अध्याय 7.79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनकी विजयके लिये रात्रिमें भगवान् शिवका पूजन करवाना, जागते हुए पाण्डव-सैनिकोंकी अर्जुनके लिये शुभाशंसा तथा अर्जुनकी सफलताके लिये श्रीकृष्णके दारुकके प्रति उत्साहभरे वचन  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  7.79.13-14 
कष्टं हीदं व्यवसितं पाण्डवेन महात्मना।
पुत्रशोकाभितप्तेन प्रतिज्ञा महती कृता॥ १३॥
स च राजा महावीर्य: पारयत्वर्जुन: स ताम्।
भ्रातरश्चापि विक्रान्ता बहुलानि बलानि च॥ १४॥
 
 
अनुवाद
महाबली पाण्डवों ने यह अत्यन्त दुःखद निर्णय लिया है। पुत्र-वियोग के शोक से व्यथित होकर उन्होंने एक बहुत बड़ी प्रतिज्ञा की है। दूसरी ओर, राजा जयद्रथ का पराक्रम भी महान है। तथापि, अर्जुन अपनी प्रतिज्ञा अवश्य पूरी करेंगे; क्योंकि उनके भाई भी अत्यन्त बलशाली हैं और उनकी सेना भी विशाल है॥13-14॥
 
The great Pandava has taken this very painful decision. Distressed by the grief of losing his son, he has taken a very big vow. On the other hand, King Jayadratha's valour is also great. However, Arjuna will fulfil his vow; because his brothers are also very powerful and they have a large army.॥ 13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)