Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.78.25: हे पुत्र! तुम भी उसी गति को प्राप्त हो जाओ, जो उन लोगों को प्राप्त होती है जो शरणागत ब्राह्मणों के लिए कोष स्थापित करते हैं और किसी प्राणी को दण्ड नहीं देते॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 7.78: सुभद्राका विलाप और श्रीकृष्णका सबको आश्वासन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणेभ्य: शरण्येभ्यो निधिं निदधतां च या।
या चापि न्यस्तदण्डानां तां गतिं व्रज पुत्रक॥ २५॥
अनुवाद
हे पुत्र! तुम भी उसी गति को प्राप्त हो जाओ, जो उन लोगों को प्राप्त होती है जो शरणागत ब्राह्मणों के लिए कोष स्थापित करते हैं और किसी प्राणी को दण्ड नहीं देते॥ 25॥
Son, may you also attain the same state as those who establish a treasury for the brahmins who seek refuge and do not punish any living being.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥