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mahabharat 7.77.7-8: भरतश्रेष्ठ! हाथी, घोड़े और अन्य वाहन गरजने और मलत्याग करने लगे। यह सब भयंकर और रोमांचकारी कोलाहल देखकर और महाबली सव्यसाची अर्जुन की भयंकर प्रतिज्ञा सुनकर आपके सभी सैनिक व्याकुल हो गए।   |   mahabharat अध्याय 7.77: नाना प्रकारके अशुभसूचक उत्पात, कौरव-सेनामें भय और श्रीकृष्णका अपनी बहिन सुभद्राको आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 77: नाना प्रकारके अशुभसूचक उत्पात, कौरव-सेनामें भय और श्रीकृष्णका अपनी बहिन सुभद्राको आश्वासन देना  »  श्लोक 7-8
 
 
श्लोक  7.77.7-8 
वाहनानि शकृन्मूत्रे मुमुचू रुरुदुश्च ह।
तान् दृष्ट्वा दारुणान् सर्वानुत्पाताँल्लोमहर्षणान्॥ ७॥
सर्वे ते व्यथिता: सैन्यास्त्वदीया भरतर्षभ।
श्रुत्वा महाबलस्योग्रां प्रतिज्ञां सव्यसाचिन:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! हाथी, घोड़े और अन्य वाहन गरजने और मलत्याग करने लगे। यह सब भयंकर और रोमांचकारी कोलाहल देखकर और महाबली सव्यसाची अर्जुन की भयंकर प्रतिज्ञा सुनकर आपके सभी सैनिक व्याकुल हो गए।
 
Best of the Bharatas! The elephants, horses and other vehicles started crying and defecating. Seeing all these dreadful and thrilling uproars and hearing the dreadful vow of the mighty Savyasachi Arjuna, all your soldiers became distressed. 7-8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)