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mahabharat 7.77.15: वह बहुत से शत्रुओं को जीतकर और बहुतों को मृत्युलोक में भेजकर पुण्यात्माओं द्वारा प्राप्त उन अविनाशी लोकों में चला गया है, जो समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं ॥15॥   |   mahabharat अध्याय 7.77: नाना प्रकारके अशुभसूचक उत्पात, कौरव-सेनामें भय और श्रीकृष्णका अपनी बहिन सुभद्राको आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 77: नाना प्रकारके अशुभसूचक उत्पात, कौरव-सेनामें भय और श्रीकृष्णका अपनी बहिन सुभद्राको आश्वासन देना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.77.15 
जित्वा सुबहुश: शत्रून् प्रेषयित्वा च मृत्यवे।
गत: पुण्यकृतां लोकान् सर्वकामदुहोऽक्षयान्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
वह बहुत से शत्रुओं को जीतकर और बहुतों को मृत्युलोक में भेजकर पुण्यात्माओं द्वारा प्राप्त उन अविनाशी लोकों में चला गया है, जो समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं ॥15॥
 
Having conquered many enemies and sent many to the world of death, he has gone to those imperishable worlds attained by the virtuous souls, which fulfil all the desires. ॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)