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mahabharat 7.77.13: तुम्हारा पुत्र कुलीन कुल में उत्पन्न हुआ था, वह वीर, साहसी और क्षत्रिय था। उसे अपने योग्य मृत्यु प्राप्त हुई है; अतः तुम शोक मत करो।   |   mahabharat अध्याय 7.77: नाना प्रकारके अशुभसूचक उत्पात, कौरव-सेनामें भय और श्रीकृष्णका अपनी बहिन सुभद्राको आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 77: नाना प्रकारके अशुभसूचक उत्पात, कौरव-सेनामें भय और श्रीकृष्णका अपनी बहिन सुभद्राको आश्वासन देना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.77.13 
कुले जातस्य धीरस्य क्षत्रियस्य विशेषत:।
सदृशं मरणं ह्येतत् तव पुत्रस्य मा शुच:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
तुम्हारा पुत्र कुलीन कुल में उत्पन्न हुआ था, वह वीर, साहसी और क्षत्रिय था। उसे अपने योग्य मृत्यु प्राप्त हुई है; अतः तुम शोक मत करो।
 
Your son was born in a noble family and was a brave and courageous person, and was a Kshatriya. He has met a death that is worthy of him; therefore do not grieve.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)