vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 76: अर्जुनके वीरोचित वचन
»
श्लोक 8
श्लोक
7.76.8
यस्तु गोप्ता महेष्वासस्तस्य पापस्य दुर्मते:।
तमेव प्रथमं द्रोणमभियास्यामि केशव॥ ८॥
अनुवाद
केशव! मैं सबसे पहले उन महाधनुर्धर आचार्य द्रोण पर आक्रमण करूँगा, जिन्होंने उस दुष्टबुद्धि पापी जयद्रथ की रक्षा का भार अपने ऊपर ले रखा है।
Keshav! I will first attack the great archer Acharya Drona who has taken up the responsibility of protecting that evil-minded sinner Jayadratha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×