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mahabharat 7.76.27: हे भगवान् कृष्ण! कृपया ऐसी व्यवस्था करें कि कल प्रातःकाल तक मेरा रथ तैयार हो जाए; क्योंकि हमारे ऊपर एक महान कार्य आ पड़ा है।॥27॥   |   mahabharat अध्याय 7.76: अर्जुनके वीरोचित वचन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 76: अर्जुनके वीरोचित वचन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.76.27 
यथा प्रभातां रजनीं कल्पित: स्याद् रथो मम।
तथा कार्यं त्वया कृष्ण कार्यं हि महदुद्यतम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे भगवान् कृष्ण! कृपया ऐसी व्यवस्था करें कि कल प्रातःकाल तक मेरा रथ तैयार हो जाए; क्योंकि हमारे ऊपर एक महान कार्य आ पड़ा है।॥27॥
 
Lord Krishna! Please make such arrangements that my chariot is ready by tomorrow morning; because a great task has fallen upon us.'॥ 27॥
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि प्रतिज्ञापर्वण्यर्जुनवाक्ये षट्सप्ततितमोऽध्याय:॥ ७६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत प्रतिज्ञापर्वमें अर्जुनवाक्यविषयक छिहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७६॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)