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श्लोक  7.75.6 
तेन शब्देन वित्रस्ता धार्तराष्ट्रा: ससैन्धवा:।
नाकस्मात् सिंहनादोऽयमिति मत्वा व्यवस्थिता:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
जयद्रथ सहित धृतराष्ट्र के सभी पुत्र उस ध्वनि से भयभीत हो गए। यह सोचकर कि यह गर्जना अकारण नहीं है, वे सावधान हो गए।
 
‘All the sons of Dhritarashtra including Jayadratha were terrified by that sound. Thinking that the roar was not without reason, they became cautious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)