Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.75.31: अब मैं पुनः अपने हित को ध्यान में रखकर अपने कार्य की सफलता के लिए ज्ञानी मन्त्रियों और हितैषी मित्रों से परामर्श करूँगा। ॥31॥ | mahabharat अध्याय 7.75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब मैं पुनः अपने हित को ध्यान में रखकर अपने कार्य की सफलता के लिए ज्ञानी मन्त्रियों और हितैषी मित्रों से परामर्श करूँगा। ॥31॥
"Now, once again, keeping my own interests in mind, I will consult with knowledgeable ministers and well-wishing friends for the success of my task." ॥ 31॥
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि प्रतिज्ञापर्वणि श्रीकृष्णवाक्ये पञ्चसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत प्रतिज्ञापर्वमें श्रीकृष्णवाक्यविषयक पचहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥