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mahabharat 7.75.25: अर्जुन! तब राजा दुर्योधन ने स्वयं आचार्य द्रोण से जयद्रथ की रक्षा के लिए बड़ी प्रार्थना की है। अतः उसकी रक्षा के लिए सभी प्रबंध कर दिए गए हैं और रथ भी सजा दिए गए हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.75.25 
स राज्ञा स्वयमाचार्यो भृशमत्रार्थितोऽर्जुन।
संविधानं च विहितं रथाश्च किल सज्जिता:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन! तब राजा दुर्योधन ने स्वयं आचार्य द्रोण से जयद्रथ की रक्षा के लिए बड़ी प्रार्थना की है। अतः उसकी रक्षा के लिए सभी प्रबंध कर दिए गए हैं और रथ भी सजा दिए गए हैं।
 
Arjuna! Then King Duryodhan himself has made a great request to Acharya Drona for the protection of Jayadratha. Therefore, all arrangements have been made for his protection and chariots have also been decorated.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)