Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.75.24: अतः मैं यहाँ से जाने की अनुमति चाहता हूँ। अथवा यदि आप उचित समझें तो वीर एवं महाबली द्रोणाचार्य से अपने पुत्र सहित अपनी रक्षा का आश्वासन चाहता हूँ।॥24॥ | mahabharat अध्याय 7.75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सोऽहमिच्छाम्यनुज्ञातं रक्षितुं वा महात्मना।
द्रोणेन सहपुत्रेण वीरेण यदि मन्यसे॥ २४॥
अनुवाद
अतः मैं यहाँ से जाने की अनुमति चाहता हूँ। अथवा यदि आप उचित समझें तो वीर एवं महाबली द्रोणाचार्य से अपने पुत्र सहित अपनी रक्षा का आश्वासन चाहता हूँ।॥24॥
‘That is why I want permission to leave from here. Or if you deem it fit, I want assurance of my protection from the brave and great Dronacharya along with his son.'॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥