श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.75.20 
वासुदेवसहायस्य गाण्डीवं धुन्वतो धनु:।
कोऽर्जुनस्याग्रतस्तिष्ठेत् साक्षादपि शतक्रतु:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण के साथ आकर गाण्डीव धनुष धारण करने वाले अर्जुन के सामने कौन टिक सकता है? स्वयं इन्द्र भी उसका सामना नहीं कर सकते ॥20॥
 
Who can stand in front of Arjuna coming with Shri Krishna and wielding the Gandiva bow? Even Indra himself cannot face him. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)