श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 75: श्रीकृष्णका अर्जुनको कौरवोंके जयद्रथकी रक्षाविषयक उद्योगका समाचार बताना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.75.16 
अथ रक्षा न मे संख्ये क्रियते कुरुनन्दन।
अनुजानीहि मां राजन् गमिष्यामि गृहान् प्रति॥ १६॥
 
 
अनुवाद
कुरुनन्दन! यदि आप युद्ध में मेरी रक्षा नहीं कर सकते, तो मुझे आज्ञा दीजिए; हे राजन्! मैं अपने घर जाऊँगा॥16॥
 
Kurunandan! If you cannot protect me in the war, then give me orders; O King! I will go to my home.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)